The Biharijanseva : मारवाड़ी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद झा ने की तथा संयोजन कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुनीता कुमारी ने किया।
प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद झा ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एक महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता और सामाजिक समानता के लिए आजीवन संघर्षरत अग्रदूत थे। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक उत्थान का सबसे सशक्त माध्यम माना और समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर दिलाने के लिए अथक प्रयास किए। जीवन के अंतिम वर्ष 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अंगीकार किया।
पूर्व बर्सर डॉ. अवधेश प्रसाद यादव ने कहा कि शिक्षा स्वतंत्रता के स्वर्णिम द्वार को खोलने की कुंजी है। डॉ. अंबेडकर के विचार आज देश की सीमाओं से परे विश्व भर में प्रासंगिक हैं और उनकी जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है।
कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुनीता कुमारी ने कहा कि भगवान बुद्ध और उनके धम्म को जीवन का आधार बनाने वाले डॉ. अंबेडकर ने स्त्रियों, दलितों और समाज के उपेक्षित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया और एक स्वस्थ, सम्पन्न व प्रबुद्ध भारत के निर्माण का स्वप्न देखा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. अमित सिंह, डॉ. सुभाष कुमार सुमन, डॉ. गजेंद्र भारद्वाज, डॉ. प्रिया नंदन, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. सोनी कुमारी, डॉ. चंदन भारद्वाज, डॉ. गुरुदेव शिल्पी, डॉ. शैलजा, डॉ. हेना गौहर, डॉ.सुषमा भारती, डॉ. संतोष कुमार राय, डॉ. जॉनी एमेनुअल टिर्की, डॉ. अभय कुमार पाठक, डॉ. श्यामानंद चौधरी, डॉ. रवि कुमार राम, डॉ. पूजा यादव, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. संजय दास एवं श्रीमती अनीता सिन्हा प्रमुख हैं। कार्यालय प्रमुख श्री विजय कुमार, लेखापाल श्री आनंद शंकर तथा एन.एस.एस. स्वयंसेवक — कल्पना, नेहा, नीलेश, गिरिराज, विवेकानंद, अनिल, फैसल, आदित्य सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ भी कार्यक्रम में सहभागी रहे।

