अंशु कुमार
नई दिल्ली, प्रज्ञा संस्थान व श्रीगुरु गोबिंद सिंह ट्राइसेंटेनरी (SGT) विश्वविद्यालय द्वारा अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में वुमन्स लीडरशिप इन गवर्नेंस : फ्रॉम पार्टिसिपेशन टू लीडरशिप विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और नेतृत्व के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, सहभागिता तथा उनके समक्ष उपस्थित चुनौतियों और अवसरों पर सार्थक विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुप्रसिद्ध एडवोकेट एवं बीजेपी की मीडिया पैनलिस्ट चारु प्रज्ञा थीं। ग्रेटर कैलाश, दिल्ली की विधायक श्रीमती शिखा राय तथा एसजीटी विश्विद्यालय की डीन व लॉ फैकल्टी की प्रोफेसर डॉ. रिचा चौधरी उपस्थित थी। महिला वक्ताओं ने शासन-प्रशासन में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी, नीति निर्माण में उनकी भूमिका तथा समाज में लैंगिक समानता को सुदृढ़ करने के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का नेतृत्व केवल सामाजिक परिवर्तन का माध्यम ही नहीं, बल्कि समावेशी और संवेदनशील शासन व्यवस्था की आधारशिला भी है। वहीं युवाओं व छात्राओं को सार्वजनिक जीवन, कानून, प्रशासन और राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। प्रश्न-उत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जिससे विषय पर गहन समझ विकसित हुई। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

