WJAI पटना जिला की कार्यकारणी बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय, जिला अध्यक्ष ने पटना कमिटी में बेव पत्रकारों को जोड़ने का दिया निर्देश

पटना जिला कमिटी के गठन के बाद रविवार 30 जून को पहली बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान डब्ल्यूजेएआई पटना इकाई के अध्यक्ष उज्जवल सिन्हा ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए मीटिंग शुरू की। जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने जिला कमिटी के सभी सदस्यों को पटना जिला के विस्तार की जिम्मेदारी दी।
Table of Contents
जिला अध्यक्ष ने बताया कि पटना जिला में ऐसे लोगों की जरूरत है जो संस्था के साथ समन्वय बना कर संस्था को आगे ले जाने में सहयोग करें। पटना और आसपास के वेब पत्रकारों को जोड़ने में काम सभी सदस्य तेजी से शुरू कर दें। अगर किसी सदस्य को डब्ल्यूजेएआई के बारे में कुछ जानकारी चाहिए तो आप कार्यलय सचिव का नंबर उनके साथ साझा कर सकते हैं। उन्होंने एक बात पर जोर देते हुए कहा कि कोई ऐसे छवि वाले लोगों को इस संस्था ना जोड़ें, जिससे संस्था का नाम खराब हो।
-
Noon Roti :मैथिली वेब सीरीज नुन रोटी के अभिनेता आदर्श भारद्वाज फिल्मी पर्दे पर दे रहे अपने मिथिलांचल को एक अलग पहचान | 2024
-
राजद प्रत्याशी शाहनवाज (Shahnawaz) ने जनादेश का सम्मान करते हुए अररिया लोकसभा क्षेत्र के जनमानस कार्यकर्ताओं के प्रति जताया आभार
-
आपातकाल पर संगोष्ठी का आयोजन नई दिल्ली, 14 अगस्त। डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में आपातकालः भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को प्रसिद्ध पत्रकार रामबहादुर राय और अमर उजाला के सलाहकार संपादक विनोद अग्निहोत्री सहित प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।आपातकाल की विभीषिका और आपातकाल के दौरान नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की हत्या के तमाम काले पक्षों को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में लोकतंत्र की हत्या की गई। इंदिरा गाँधी की जिद्द ने देश को आपाताल की विभीषिका में धकेल दिया।इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा अगर किसी को आपातकाल की सच्चाई को जानना है तो जस्टिस शाह आयोग की जांच रिपोर्ट को पढ़ना चाहिए और दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल किशन लाल के आयोग के समक्ष की गवाही को पढ़ना चाहिए।वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने आपातकाल की पृष्ठभूमि को समझाते हुए बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कई उपलब्धियों के बावजूद आपातकाल उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा काला धब्बा है। आपातकाल के दौरान परिवार नियोजन कार्यक्रम में जबरदस्ती की गई। बड़ी संख्या में उत्तर भारत के युवाओं की जबरदस्ती नसबंदी की गई। हर पीढ़ी को आपातकाल की घटना से सबक लेना चाहिए जिससे भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने बताया कि इस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन करने से विद्यार्थी नागरिक अधिकारों के महत्व को समझेंगे जो उनके जीवन के लिए लाभदायक होगा। प्रो. बिजेंद्र कुमार ने कहा कि दो सौ सालों के संघर्ष के उपरांत अर्जित स्वतंत्रता प्राप्त हुई लेकिन आजादी के बाद पहली बार पर आपातकाल में लोकतांत्रिक और नागरिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी। संगोष्ठी के समापन अवसर पर ‘आपातकाल: लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन’ विषय पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार नीशू , द्वितीय पुरस्कार जाह्नवी और तृतीय पुरस्कार आसिफ अंसारी ने प्राप्त किया।संगोष्ठी का मंच संचालन प्रो. शशि रानी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. चित्रा रानी, प्रो. ममता, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. अंजू, डॉ सुभाष गौतम, डॉ. प्रवीण झा, डॉ. अनिल कांबले, डॉ. आदर्श मिश्रा और राकेश कुमार उपस्थित रहे।कार्यक्रम संयोजक प्रो. राजबीर वत्स ने धन्यवाद ज्ञापन के क्रम में अतिथियों का आभार किया और आधारिक रूप से संगोष्ठी का समापन किया।
सदस्यों को बढ़ाने के अलावा पटना जिला अध्यक्ष ने कुछ-कुछ कार्यक्रम करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पटना जिला के तरफ से आने वाले समय में तरह-तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए भी विचार किया जा रहा है। सभी सदस्यों से इसके लिए राय भी मांगी गई है। जिसके बाद एक और मीटिंग में तय किया जाएगा कि किस तरह का कार्यक्रम किया जाना चाहिए। यह बैठक पटना जिला के संयुक्त सचिव कादिर खान के आवास पर संपन्न हुई।

इस दौरान पटना जिला के अध्यक्ष उज्जवल सिन्हा, उपाध्यक्ष योगेश कुमार, सचिव दीपक कुमार, संयुक्त सचिव कादिर खान, कोषाध्यक्ष दीपशिखा मौजूद रही। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यलय सचिव अकबर ईमाम के देखरेख में यह बैठक संपन्न हुआ। उन्होंने पटना जिला के सदस्यों के साथ अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने इस नए कमिटी को अपनी शुभकामनाएं भी दी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला कमिटी की कोषाध्यक्ष दीपशिखा ने की।
