The Biharijanseva : नई दिल्ली। डॉ भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय में 30वाँ वार्षिक खेल दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देश के जानेमाने एमएमए फाइटर, अभिनेता और एथलीट संग्राम सिंह रहे। उनके साथ उनके कोच भूपेन्द्र सिंह, विशेष अतिथि पूर्वांचल विश्विद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो पी सी पातंजली, सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र यादव एवं वरिष्ठ पत्रकार मुकेश केजरीवाल भी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्राचार्य प्रो सदानंद प्रसाद और शारीरिक शिक्षा के संयोजक डॉ के. के. शर्मा उपस्थित रहे। वार्षिक खेल दिवस के अवसर पर टग ऑफ वॉर , दौड़ और अन्य कई खेलों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि संग्राम सिंह ने कहा कि किसी देश की ताकत वहां की सेना और युवा होते हैं । उन्होंने कहा कि मैं हारता कभी नहीं या तो जीतता हूँ या सीखता हूँ। उन्होंने अपना आदर्श भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, सुभाषचंद्र बोस जैसे महान लोगों को बताया जिन्होंने हमारे लिए बलिदान दिया है। लेकिन आज हम लोग जाति, धर्म, संप्रदाय में उलझकर एक-दूसरे से लड़ रहे है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का परामर्श दिया। संग्राम जी ने स्व के बोध के लिए कहा कि हमारी हार वो नहीं है कि हमें दुनिया नहीं जानती बल्कि ये है कि हम खुद को नहीं पहचानते।
पी.सी पतंजलि ने कहा कि संग्राम सिंह एक फाइटर के साथ अभिनेता भी है। प्राचार्य प्रो सदानंद प्रसाद ने महाविद्यालय खेल समिति खिलाड़ियों के लिए नए अवसर का निर्माण करती है। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया और खिलाड़ियों के भावी जीवन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ पत्रकार मुकेश केजरीवाल ने कहा कि हार से आगे बढ़ने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को यदि पूरे लगन और ईमानदारी से किया जाए तो निश्चित ही सफलता मिलती है। शारीरिक शिक्षा के संयोजक डॉ के.के शर्मा ने कहा कि हमारे महाविद्यालय के खिलाड़ी नाम से नहीं काम से जाने जाते है। उन्होंने वार्षिक खेल रिपोर्ट सभी विद्यार्थियों व प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत किया।
30वें वार्षिक खेल दिवस का शुभारंभ ध्वजारोहण और मशाल प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो राजेश उपाध्याय ने किया। मंच संचालन हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम के विद्यार्थी सक्षम पांडे ने किया। कार्यक्रम में प्रो बिजेंद्र कुमार, प्रो शशि रानी, प्रो चित्रा रानी, प्रो अरविंद यादव, डॉ सुभाष गौतम, डॉ प्रवीण झा, डॉ विनीत कुमार, डॉ अरुण प्रताप सिंह, डॉ आदर्श मिश्र, डॉ तारा शंकर, अखिलेश कुमार, राकेश कुमार के साथ सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

