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Thebihari Janseva: अयोध्या पर्व आस्था, संस्कृति और विरासत का संगम

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नई दिल्ली : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र दिल्ली में अयोध्या पर्व के आठवें संस्करण की शुरुआत हुई। जिसमें देशभर से राजनीतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जी थे। उद्घाटन सत्र की शुरुआत रियल एस्टेट उद्यमी बी एल गौर द्वारा लिखित पुस्तक “भविष्य की अयोध्या –नगर योजना” के लोकार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर यीडा के सीईओ राकेश सिंह पूर्व सांसद एवं आयोजनकर्ता लालू सिंह तथा वरिष्ठ पत्रकार शैलेश शुक्ला मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय सहित अन्य गणमान्य अतिथि शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान सभागार खचाखच भरा रहा।
दूसरे सत्र में अयोध्या के श्री मणिरामदास छावनी के महंत कमल नयन दास व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के माननीय भैयाजी जोशी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल माननीय मनोज सिन्हा, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी तथा राज्यसभा सांसद अशोक बाजपेयी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि अयोध्या के राम नहीं, बल्कि राम की अयोध्या है। और उन्होंने समाज में भगवान राम के मूल्यों के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
मनोज सिन्हा ने अयोध्या को देश की सांस्कृतिक धुरी बताते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र को उसके वर्तमान से नहीं, बल्कि उसके इतिहास और मूल्यों से समझा जाता है।
दिया कुमारी ने इस आयोजन की सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए सुझाव दिया कि राजस्थान में भी अयोध्या पर्व जैसे आयोजन किए जाने चाहिए। तीन दिवसीय इस पर्व में अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसमें सीता की रसोई, राम कथा सहित विभिन्न प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या की झलक पेश की जाएगी। आयोजक मण्डली के प्रमुख सदस्य देवेंद्र राय, राकेश सिंह, पन्तु भाई, बृजेश भाई झा, प्रो राजीव रंजन गिरी, प्रो अनिल राय आदि गरिमामयी उपस्थित थी।

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