पूर्णिया की पावन धरती से आज मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय की स्थापना दिवस के अवसर पर पूर्णिया ब्रांच का शुभारंभ किया गया ।कार्यक्रम में संगठन के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आज के यह कार्यक्रम अपने आप में ऐतिहासिक रहा क्योंकि देश की सबसे पुरानी संगठन मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय अपने सामाजिक कार्यों के लिए कई बार सम्मानित हो चुकी है। पूर्णिया के बेहतरीन युवाओं एवं बुद्धिजीवियों को एकत्रित कर नई क्रांति की शुरुआत कर रही है ।कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय रोहित कुमार सिंह ने कहा कि आज जबकि हम 21वीं सदी में है तब भी लोगों के बीच मानवाधिकार का हनन होना आम बात है और सबसे अफसोस की बात भी यही है कि हमारा समाज जितना ही शिक्षित होता जा रहा है संपन्न होता जा रहा है मानवाधिकार का हनन बढ़ता जा रहा है हमें संविधान में लिखे गए शब्दों को समझाना पड़ेगा और हर एक मानव को प्राकृतिक और संवैधानिक रूप से जो अधिकार दिए गए हैं उसका संरक्षण करना पड़ेगा अगर इंसान मानव अधिकार को समझे और साथ में अपने कर्तव्यों का पालन करें तो निश्चित ही समाज में सद्भाव का वास होगा ।उन्होंने कहा कि हम अक्सर रामराज की बात करते हैं रामराज का कल्पना करना अलग बात है और रामराज स्थापित करना अलग बात है रामराज का मतलब है समान अवसर समानता का भाव चाहे वह आर्थिक हो ,चाहे वह सामाजिक हो चाहे वह शैक्षणिक हो चाहे वह धर्म के आधार पर हो चाहे ,वह लिंग के आधार पर हो। भगवान राम अपनी मर्यादा के कारण भगवान के रूप में स्थापित हुए उनका पूरा जीवन ही मानवाधिकार संरक्षण को समर्पित है इसलिए हमें सिर्फ भगवान नाम की पूजा मंदिरों में ही नहीं करनी चाहिए बल्कि उनके मर्यादा को भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए। देश के कोई भी महापुरुष जिन्होंने जन आंदोलन के माध्यम से क्रांतिकारी बदलाव किया वह सभी मानवाधिकार हनन के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई है ।आज भी समाज में असमानता दिखाई परती है।माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय ने जोर डालते हुए कहा कि पूर्णिया की धरती समाजवादियों की धरती है इस धरती पर हमेशा ही बड़े-बड़े समाजवादियों ने जन्म लिया है लेकिन अभी की स्थिति में यह धरती बाहुबलियों के हवाले हैं और यह कहीं से भी उचित नहीं है हमें एक मानव के रूप में मानवता का स्थापना करना ही होगा ।शिक्षा के स्तर पर ,चिकित्सा के स्तर पर सामाजिक स्तर पर और आर्थिक स्तर पर समान व्यवस्थाएं देनी होगी तभी जाकर समाज में सामाजिक न्याय को स्थापित किया जा सकता है।बिहार के सरकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है आम जनमानस पीड़ित और परेशान है जो गरीब और लाचार लोग हैं वह व्यवस्थाओं की मार झेल रहे हैं. बहुत जरूरी हो गया है कि संपन्न लोग आगे आए और समाज में समानता का वास करें और भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंके l
कार्यक्रम में बिहार के मुख्य महासचिव श्री मुकेश कुमार सिंह जी ने कहा कि बिहार में पिछले 20 सालों में इस संगठन ने लगातार ही ऐतिहासिक काम किया हम लोग पूरे भारत के पहले ऐसी संस्था थे जिन्होंने करोना काल में राशन वितरण करना शुरू किया था। दूसरे फेज में गांव गांव जाकर ग्राम रक्षक…
