Category: Daily News
Daily News Updates
प्रेमचंद पातंजलि की पुस्तक व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण का सफ़र है : प्रो. बिजेन्द्र कुमार
नई दिल्ली, 14 फरवरी। कांन्सिट्यूसन क्लब के डिप्टी स्पीकर हाल में प्रो. प्रेमचंद पातंजलि की पुस्तक ‘यमुना से गंगा तक मेरा कर्म पथ’ का लोकार्पण विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार जी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित दिनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्विद्यालय, सीकर राजस्थान के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय के की।इस…
कॉलेज परिसरों में हिंसा फैलाना वामपंथियो का पुराना इतिहास : सार्थक शर्मा
नई दिल्ली, 13 फरवरी। दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में दोपहर करीब 2 बजे ब्रेकिंग ओपिनियन नामक यूट्यूब चैनल के महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर हमला करके देश के तमाम विश्वविद्यालयों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का झूठा राग अलापने वाले वामपंथी संगठनों ने अपना हिंसक चरित्र दुबारा दिखाया । गौरतलब हो कि दिल्ली विश्वविद्यालय…
अदृश्य शक्ति: कैसे भारतीय प्रवासी इंडो-यूएस रणनीतिक साझेदारी को आकार दे रहे हैं
लेखक: कीर्ति शर्मासचिव जनरल, पीपल ऑफ इंडियन ओरिजिन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PIOCCI) इंडो-यूएस संबंधों का एक ऐसा पहलू है, जिस पर बहुत कम चर्चा होती है, लेकिन जिसका प्रभाव अत्यंत गहरा और दूरगामी है—और वह है अमेरिका में बसे भारतीय कारोबारी और पेशेवर प्रवासी समुदाय की भूमिका। आधिकारिक शिखर बैठकों, व्यापार वार्ताओं और…
अदृश्य शक्ति: कैसे भारतीय प्रवासी इंडो-यूएस रणनीतिक साझेदारी को आकार दे रहे हैं
लेखक: कीर्ति शर्मासचिव जनरल, पीपल ऑफ इंडियन ओरिजिन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PIOCCI) इंडो-यूएस संबंधों का एक ऐसा पहलू है, जिस पर बहुत कम चर्चा होती है, लेकिन जिसका प्रभाव अत्यंत गहरा और दूरगामी है—और वह है अमेरिका में बसे भारतीय कारोबारी और पेशेवर प्रवासी समुदाय की भूमिका। आधिकारिक शिखर बैठकों, व्यापार वार्ताओं और…
इतिहास के पन्ने: 1947 में जोधपुर का दुविधा-क्षण और भारतीय एकता की परीक्षा
कीर्ति शर्माडायरेक्टरदेश भगत यूनिवर्सिटीजपंजाब। 1947 का वर्ष केवल सत्ता-हस्तांतरण का वर्ष नहीं था; यह भारत की भौगोलिक, राजनीतिक और सामरिक संरचना तय करने का निर्णायक समय था। ब्रिटिश भारत दो भागों भारत और पाकिस्तान में बँट रहा था, परंतु 560 से अधिक रियासतें औपचारिक रूप से स्वतंत्र मानी जाती थीं। उन्हें यह विकल्प दिया गया…
राजकीय बाल माध्यमिक विद्यालय, पुरानी सीमापुरी, दिल्ली-95 में दिनांक 12 फरवरी 2026 को दो महत्वपूर्ण कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया गया।
1️⃣ सामाजिक उद्यमिता एवं सामुदायिक नवाचार कार्यशालाविद्यालय में आयोजित “Social Entrepreneurship and Community Innovation” विषय पर कार्यशाला में विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं के समाधान हेतु उद्यमशील सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यशाला में प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार स्थानीय समस्याओं की पहचान कर सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्थायी एवं नवाचारी…
विश्वास की खाई को पाटना: भारतीय प्रवासी, भारतीय संस्थान और PIOCCI की भूमिका
कीर्ति शर्मासेक्रेटरी जनरल, पीपल ऑफ इंडियन ओरिजिन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PIOCCI) भारत आज अपनी आर्थिक यात्रा के एक अहम मोड़ पर खड़ा है। दुनिया की बड़ी और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत पर वैश्विक निवेशकों, बड़ी कंपनियों और फंड्स की खास नज़र है।लेकिन एक बड़ी ताकत, जिसका पूरा उपयोग अभी तक…
मदारी के नाटक बने युवा विमर्श का केंद्र
नई दिल्ली, 11 फरवरी। दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ और राष्ट्रीय कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में “मदारी -इस मिट्टी में जड़े है हमारी” कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम 9 फरवरी से लेकर 11 फरवरी तक दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच विशेष आकर्षण का…
IIT दिल्ली के छात्र पढ़ रहे हैं संस्कृत
नई दिल्ली, 11 फरवरी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली एवं संस्कृत भारती, दिल्ली प्रान्त के संयुक्त तत्त्वावधान में दस दिवसीय, 06 संस्कृत-सम्भाषण शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया जिसमें संस्थान के 300 छात्रों ने प्रतिभाग किया। 31 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हुए इन शिविरों का समापन 10 फ़रवरी 2026 को गरिमामय समारोह के साथ सम्पन्न…
गुरुकुल से विद्यापीठ तक : स्वदेशी शिक्षा और नए भारत
डॉ नेहा नैनवाल (सहायक आचार्य, डीयू) भारत में विद्या और शिक्षा की परम्परा केवल ज्ञानार्जन की प्रक्रिया नहीं रही है, बल्कि संपूर्ण समाज के निर्माण का सशक्त माध्यम रही है। भारतीय दृष्टि में व्यक्ति को समाज से पृथक इकाई के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी चेतन सत्ता के रूप में देखा गया…
