परिवार केवल खून के रिश्तों का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन की पहली पाठशाला है। यहीं से मनुष्य सीखता है कि प्रेम, सहयोग, जिम्मेदारी और
कीर्ति शर्मासामाजिक विचारक और लेखक परिवार केवल खून के रिश्तों का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन की पहली पाठशाला है। यहीं से मनुष्य सीखता है कि प्रेम, सहयोग, जिम्मेदारी और संस्कार क्या होते हैं। बदलते समय में परिवार की संरचना और उसमें निभाई जाने वाली भूमिकाएँ बदल रही हैं, इसलिए आज कुटुंब प्रबोधन यानी…
