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परिवार केवल खून के रिश्तों का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन की पहली पाठशाला है। यहीं से मनुष्य सीखता है कि प्रेम, सहयोग, जिम्मेदारी और

कीर्ति शर्मासामाजिक विचारक और लेखक परिवार केवल खून के रिश्तों का नाम नहीं है, बल्कि यह जीवन की पहली पाठशाला है। यहीं से मनुष्य सीखता है कि प्रेम, सहयोग, जिम्मेदारी और संस्कार क्या होते हैं। बदलते समय में परिवार की संरचना और उसमें निभाई जाने वाली भूमिकाएँ बदल रही हैं, इसलिए आज कुटुंब प्रबोधन यानी…

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पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज का 68वां स्थापना दिवस समारोह

दिनांक 21 अगस्त 2025, गुरुवार को पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज, नेहरू नगर में संस्थान के 68वें स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय संस्कृति सभा तथा संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज परिसर में गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें अनेक छात्र, प्राध्यापकगण एवं आमंत्रित अतिथिगण उपस्थित थे।…

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डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में शुक्रवार को आपातकालः लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में किया गया। आपातकाल के बारे में युवाओं को जागरुक और जानकार बनाने के उद्देश्य से किया गया।निबंध प्रतियोगिता में महाविद्यालय के 56 छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता…

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आपातकाल पर संगोष्ठी का आयोजन नई दिल्ली, 14 अगस्त। डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय में आपातकालः भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को प्रसिद्ध पत्रकार रामबहादुर राय और अमर उजाला के सलाहकार संपादक विनोद अग्निहोत्री सहित प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।आपातकाल की विभीषिका और आपातकाल के दौरान नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की हत्या के तमाम काले पक्षों को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में लोकतंत्र की हत्या की गई। इंदिरा गाँधी की जिद्द ने देश को आपाताल की विभीषिका में धकेल दिया।इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा अगर किसी को आपातकाल की सच्चाई को जानना है तो जस्टिस शाह आयोग की जांच रिपोर्ट को पढ़ना चाहिए और दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल किशन लाल के आयोग के समक्ष की गवाही को पढ़ना चाहिए।वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने आपातकाल की पृष्ठभूमि को समझाते हुए बताया कि  पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कई उपलब्धियों के बावजूद आपातकाल उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा काला धब्बा है। आपातकाल के दौरान परिवार नियोजन कार्यक्रम में जबरदस्ती की गई। बड़ी संख्या में उत्तर भारत के युवाओं की जबरदस्ती नसबंदी की गई। हर पीढ़ी को आपातकाल की घटना से सबक लेना चाहिए जिससे भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने बताया कि इस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन करने से विद्यार्थी नागरिक अधिकारों के महत्व को समझेंगे जो उनके जीवन के लिए लाभदायक होगा। प्रो. बिजेंद्र कुमार ने कहा कि दो सौ सालों के संघर्ष के उपरांत अर्जित स्वतंत्रता प्राप्त हुई लेकिन आजादी के बाद पहली बार पर आपातकाल में लोकतांत्रिक और नागरिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी। संगोष्ठी के समापन अवसर पर ‘आपातकाल: लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन’ विषय पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार नीशू , द्वितीय पुरस्कार जाह्नवी और तृतीय पुरस्कार आसिफ अंसारी ने प्राप्त किया।संगोष्ठी का मंच संचालन प्रो. शशि रानी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. चित्रा रानी, प्रो. ममता, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. अंजू, डॉ सुभाष गौतम, डॉ. प्रवीण झा, डॉ. अनिल कांबले,  डॉ. आदर्श मिश्रा और राकेश कुमार उपस्थित रहे।कार्यक्रम संयोजक प्रो. राजबीर वत्स ने धन्यवाद ज्ञापन के क्रम में अतिथियों का आभार किया और आधारिक रूप से संगोष्ठी का समापन किया।

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राजनीति और शुचिता विषय पर द्वितीय ‘श्री ओम प्रकाश कोहली जी स्मृति व्याख्यान’नई दिल्ली, 11 अगस्त। दिल्ली विश्वविद्यालय नार्थ कैम्पस सर शंकर लाल सभागार में गुजरात के पूर्व राज्यपाल व प्रख्यात साहित्यकार स्व श्रध्देय ओम प्रकाश कोहली जी की स्मृति में व्याख्यान का आयोजन किया गया।प्रख्यात शिक्षाविद व चिंतक प्रो राजकुमार भाटिया जी ने स्व. श्री ओम प्रकाश कोहली जी का स्मृति परिचय दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कोहली सदैव प्रेरणा के स्रोत रहेंगे। उनपर एक पुस्तक की आवश्यकता को महसूस करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही कोहली जी के जीवन पर पुस्तक आएगी। उन्होंने कहा कि कोहली जी अति सज्जन व्यक्ति थे। वह बीजेपी के नहीं थे लेकिन उनको दिल्ली का अध्यक्ष बनाया गया। उस समय तीन संगठन का कार्य देखते थे। इस मौके पर उन्होंने बताया कि उनकी सज्जनता के कारण आपातकाल में जेल भेज दिया गया। प्रख्यात शिक्षाविद अतुल भाई कोठारी ने स्मृति व्याख्यान देते हुए कहा कि न केवल एन डी टी एफ का नेतृत्व उन्होंने किया अपितु अनेक संगठनों में अपने कार्य, शुचिता एवं व्यक्तित्व की छाप छोड़ी जो शिक्षा, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में कार्यकताओं का मार्गदर्शन करती रहेगी। आज के व्याख्यान का विषय ‘राजनीति और शुचिता’ उनके व्यवहार से मेल खाता है। राज्यपाल रहते हुए वह राज्यपाल भवन में रहने वाले कर्मचारियों के बच्चे को पढ़ाते थे। कोहली जी ने अनेक दायित्व निभाए किंतु उनका मूल स्वभाव कभी नहीं बदला।कोहली जी की तुलना गांधी व दीनदयाल उपाध्याय जी से करते हुए कोहली जी की उन्हीं की भांति सादगी पसंद और जीवन में शुचिता के प्रति आग्रही बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज जीवन मे शुचिता की सबसे अधिक जरूरत है। पंच परिवर्तन भी इसी प्रकार शुचिता का ही विषय है।प्रख्यात शिक्षाविद व डूटा के पूर्व अध्यक्ष एन के कक्कड़ जी ने कहा कि कोहली जी से मेरा अंतिम समय तक सम्पर्क रहा और सीखने को बहुत कुछ मिला। हमेशा उनका सहारा मेरे साथ रहा। कक्कड़ जी ने आपातकाल की व्यथा को भी याद दिया और बताया की कोहली जी ने उस समय कैसे कार्यकर्ताओं को सजग किया।प्रख्यात शिक्षाविद व दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के डॉ वी एस नेगी जी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कोहली जी को याद किया और कहा कि कोहली जी के जाने के बाद प्रो ए के भागी जी ने डूटा में एन डी टी एफ की जीत का सपना साकार किया। उन्होंने कहा कि गुजरात मे राज्यपाल रहते हुए थाली में उतना ही भोजन ले जितना खा सके और उतना ही पानी ले जितना पी सके कैम्पेन बहुत सराहा गया। उन्होंने आगामी 4 सितंबर को होने वाले शिक्षक संघ चुनाव में एन डी टी एफ के उम्मीदवारों के लिए स्नेही सभा का आशीर्वाद लिया।

भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ हर्षवर्धन जी ने कहा कि कोहली जी का व्यक्तित्व कई रूपों।में था। वह एक बेहतरीन नेक इंसान थे। किसी भी पद पर रहते हुए उन्होंने अपने को और बेहतर बनाया। वह बहुत कमिटमेंट के साथ काम करते थे। आज राजीनीति में शुचिता का अभाव है। कोहली जी सात्विक कर्म…

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हर वर्ष 9 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र के आवाहन पर विश्व मूलनिवासी दिवस (International Day of the World’s Indigenous Peoples) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य उन मूलनिवासी समूहों के अधिकारों की रक्षा करना है, जिन पर ऐतिहासिक अन्याय, नरसंहार और जबरन विस्थापन जैसे गंभीर अत्याचार हुए हैं। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा जैसे देशों में…

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एसएससी परीक्षा में अव्यवस्था के विरुद्ध आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल-प्रयोग निंदनीय : डॉ. वीरेंद्र सोलंकी

नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), कर्मचारी चयन आयोग (एस.एस.सी) परीक्षा में हुई अनियमितताओं, प्रशासनिक अव्यवस्था तथा अभ्यर्थियों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग करती है। गत माह आयोजित एसएससी परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्र निर्धारण में गड़बड़ी,…

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आईआईएमसी के प्राध्यापक डाॅ. विनीत उत्पल की पुस्तक का ब्रह्माकुमारीज में विमोचन

माउंट आबू. भारतीय जन संचार संस्थान, जम्मू के सहायक प्राध्यापक डाॅ. विनीत उत्पल की पुस्तक ‘सोशल मीडिया: परिभाषा, सिद्धांत एवं प्रयोग’ का विमोचन माउंट आबू में किया गया. ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रिट्रीट समारोह के दूसरे दिन संस्थान की अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी राजयोगिनी बीके जयंती दीदी, भारतीय जन संचार संस्थान के…

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मालिनी अवस्थी के ‘सावन’ से दिल्ली ने अनुभव की वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक भव्यतानई दिल्ली, 1 अगस्त। दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में पद्मश्री मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति “सावन – अ सेलिब्रेशन ऑफ़ रेन” के साथ राजधानी ने परंपरा, नॉस्टेल्जिया और मानसून की अलौकिक भावना में डूबी एक अविस्मरणीय शाम का अनुभव किया। एक्सक्यूरेटर इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित और प्रचारित तथा सोनचिरैया द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम ने संगीत प्रेमियों, सांस्कृतिक और भारतीय लोक विरासत के प्रशंसकों से खचाखच भरे सभागार में वर्षा ऋतु के भावनात्मक परिदृश्य का जादू बिखेरा।

यह शाम कजरी, झूला, मल्हार, ठुमरी और ग़ज़लों की समृद्ध संगीत विरासत को एक हार्दिक श्रद्धांजलि थी। इन विधाओं ने सदियों से मानसून से जुड़ी लालसा, आनंद, प्रेम और आध्यात्मिक भक्ति जैसी भावनाओं को स्वर दिया है। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन और स्वागत समारोह के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि माननीय श्री गजेंद्र…

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खजाने की शोधयात्रा जनप्रिय पुस्तक : जे नंदकुमाररंजना बिष्टनई दिल्ली, 26 जुलाई। प्रज्ञा प्रवाह सभागार, केशवकुंज नई दिल्ली में प्रशांत पोल की पुस्तक खजाने की शोधयात्रा का लोकार्पण प्रख्यात चिंतक एवं प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक माननीय श्री जे नंदकुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार एवं पूर्व राज्यसभा सांसद, माननीय…

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