नई दिल्ली, 9 फरवरी। आज दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ और राष्ट्रीय कला मंच के संयुक्त तत्त्वाधान में “मदारी -इस मिट्टी में जड़े है हमारी” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ । राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय प्रमुख श्री अंकित शुक्ला, अभाविप की राष्ट्रीय मंत्री सुश्री क्षमा शर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय के अध्यक्ष श्री राजेश सिंह एवं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष आर्यन मान ने दीप प्रज्ज्वलन कर मदारी का विधिवत शुभारंभ किया ।
गौरतलब हो कि “मदारी” 2017 से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेतु एक मंच प्रदान कर रहा है । इस कला महोत्सव को मुख्य रूप से खिचड़ी(नुक्कड़-नाटक), ग्राम्या(ओपेन माईक) और धरोहर(प्रदर्शनी) तीन भागों में बाँटा गया है । कार्यक्रम के पहले दिन खिचड़ी में गार्गी महाविद्यालय, लेडी हार्डिंग, देशबंधु महाविद्यालय सहित कुल 13 टीमों ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की, ग्राम्या के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिभावान कवियों और गायकों ने अपनी प्रस्तुति की तथा धरोहर के अंतर्गत मिरांडा हाऊस, हिन्दू महाविद्यालय, दौलतराम महाविद्यालय सहित कुल 20 महाविद्यालयों के छात्रों ने अपनी प्रदर्शनी लगाई ।
राष्ट्रीय मंत्री कुमारी क्षमा शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज दिल्ली विश्वविद्यालय का यह प्रांगण देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ है जिसे देख कर हृदय प्रफुल्लित हो रहा है यह कला मंच की देन है। कला भावनाओं की भाषा होती है, साहित्य और कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है । स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सम्पूर्ण देश के युवाओं के अंदर राष्ट्रभक्ति का संचार करने का काम गीतों और कविताओं ने ही किया आज हम सभी जिस वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहे है इस राष्ट्रीय गीत ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम या था ।
राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय प्रमुख श्री अंकित शुक्ल ने कहा रंगमंच अभिव्यक्ति का माध्यम है इसलिए मदारी केवल समस्या केंद्रित पथनाट्य का प्रदर्शन नहीं अपितु समस्या से समाधान को दिखाने वाला कार्यक्रम है।जब देश के युवा कलाकार विश्वविद्यालय के अंतर्गत देशभक्ति का पाठ पढ़ते हुए रचनात्मक कार्यों की ओर अग्रसर होंगे तभी भविष्य में केसरी, छावा, तानाजी, मणिकर्णिका जैसे और भी चलचित्र देश मे बनने शुरू होंगे। राष्ट्रीय कला मंच ऐसे देशभक्त युवा कलाकारों का सृजन करने का काम करता है ।

