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मदारी कला को मंच देने का बना माध्यम : सार्थक शर्मा

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नई दिल्ली, 9 फरवरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ एवं राष्ट्रीय कला मंच के संयुक्त तत्त्वाधान में आगामी 9 से 11 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम ‘मदारी’ को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया । पिछले 10 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे ‘मदारी’ का उद्देश्य पैशन (जुनून), पर्पस (उद्देश्य) और प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को एक साझा मंच प्रदान करता है जहाँ वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें। यह एक ऐसा मंच है जो दिल्ली विश्वविद्यालय एवं देश के अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है। इसके अंतर्गत तीन प्रमुख विषय हैं:- 1)खिचड़ी: दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य विश्वविद्यालयों की थिएटर सोसाइटी के सदस्य नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगे, 2)ग्राम्या: ओपन माइक सेशन में छात्र गायन, कविता आदि प्रस्तुत करेंगे। 3)धरोहर: आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी आयोजित होगी। जिसमे विश्वविद्यालयों के छात्र अपनी कला का प्रदर्शन भी कर पाएंगे।

मदारी को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ और राष्ट्रीय कलामंच के कार्यकर्ता पिछले 1 महीने से तैयारी में लगे हुए है । मदारी के आयोजन के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के द्वारा विभिन्न इंटर्नशिप भी चलायी जा रही है जिसमे पंजीकरण के माध्यम से 200 से अधिक इंटर्न इस कार्यक्रम की तैयारी में जुटे हुए है । खिचड़ी के अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों से 50 से अधिक, धरोहर के अंतर्गत 35 तथा ग्राम्या के लिए 150 से अधिक टीम अपनी कला का मंचन कार्यक्रम के अंतर्गत करने वाली है ।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि अभाविप नीत डूसू सदैव छात्रहितों के लिए कार्यरत है । दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को एक मंच प्रदान करना एक जिम्मेदार छात्रसंघ का दायित्व है। इसके लिए छात्रसंघ समय समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन छात्रसंघ करता है मदारी उसका एक अंग है । मार्च के दूसरे हफ्ते में छात्रसंघ छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ओलंपिक कराने जा रहा है जिसमे अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली बार खेलो डीयू के माध्यम से खेल महाकुंभ का आयोजन होगा ।

अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा, “मदारी का उद्देश्य कला के क्षेत्र में राष्ट्रवादी विषयों को बढ़ावा देना है। नुक्कड़ नाटकों सहित सभी प्रस्तुतियों में देश को जोड़ने वाली भावना होनी चाहिए। कलाकार समाज का दर्पण होते हैं, इसलिए कला के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र को एकजुट करने का प्रभाव डालना आवश्यक है। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन होने के नाते अभाविप छात्रों के सर्वांगीण विकास की बात करता है इसके लिए कला, खेल, सेवा और पर्यावरण से संबंधित कार्यक्रम अभाविप समय समय पर कराती है ।

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