नई दिल्ली, 3 फरवरी। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में 25वें भारत रंग महोत्सव का भव्य आयोजन चल रहा है। मेघदूत ऑडिटोरियम में थिएटर-इन-एजुकेशन (टीआईई) संडे क्लब पार्ट-2, द्वारा जश्न-ए-बचपन के तहह द जर्नी टू ग्रेटनेस यानि महानता की ओर यात्रा नाटक का मंचन किया गया। नाटक संगीत नाटक अकादमी के मेघदूत थिएटर में किया गया। इस नाटक के लेखक थे अजय सिंह मखलौगा। इस प्रस्तुति का नेतृत्व ग्रुप लीडर सुपरिचित रंगकर्मी प्रतिष्ठित रंग निर्देशक डॉ. सुवर्ण रावत ने किया। बानी सैकिया असिस्टेंट ग्रुप लीडर की भूमिका में थीं। नृत्य संकल्पना रही श्रीवर्णा ने किया।
सन्डे क्लब की यह महत्वपूर्ण और प्रभावशाली प्रस्तुति रही। इसमें युवा मन को पढ़ने ,समझने और समझाने का अवसर दिया गया। आज युवाओं का जीवन सहज नहीं जटिलताओं और चुनौतियां से भरा हुआ है। अपने भविष्य के लिए संघर्ष और उससे निपटने में आड़े आती परिवार की मजबूरियां। उन कठिनाइयों को बच्चे भलीभांति समझते हैं। वे सचेत रहते हैं। उसे कभी सहजभाव में नहीं मौनभाव से गंभीरता से लेते है, चुनौती के रूप में लेते हैं। ऐसे परिवेश में बच्चे के मनोबल को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इस पर परिवार का भी भरपूर समर्थन मिलना जरूरी है। तभी बच्चे का विकास होना संभव हो पाता है। ऐसी ही चुनौतियों से भरी इस नाटक की प्रस्तुति में देखने को मिला। दूसरे शब्दों में इसमें बच्चों द्वारा व्यक्तिगत विकास के विचारों को खोजने के लिए एक साथ किया कार्य भी कह सकते हैं। इस नाटक में जिन कलाकारों ने भाग लिया वे सभी पिछले अगस्त से दिसंबर तक के कठिन प्रशिक्षण से सफलता पूर्वक निकले बच्चे थे।अभिनय करने वाले छात्र किसी भी दृष्टिकोण से बच्चे नहीं युवा कलाकार प्रतीत हो रहे थे। उन युवाओं ने सामूहिक कहानी कहने और अपने प्रदर्शन के माध्यम से आकांक्षा, दृढ़ता और व्यक्तिगत विकास के विचारों को खोजने के लिए एक साथ साहसिक एवं सार्थक काम किया। नाटक में लाइट व वस्त्र सज्जा भी साधारण पर कहानी के अनुसार बेहतरी थीं। इन नाटक के लिए वानी सैकिया व निर्देशक ने अथक प्रयास किया था। दर्शकों ने इसे खूब सराहा।

