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राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे राष्ट्र की साझा जिम्मेदारी : संजय सेठ

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नई दिल्ली, 16 दिसम्बर। विजय दिवस के पावन अवसर पर, 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में भारत की निर्णायक विजय को स्मरण करते हुए, वेटरन्स इंडिया द्वारा नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सशस्त्र बलों के अमर बलिदान को नमन करने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और सुदृढ़ करने का अवसर बना।

कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख राम लाल जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन थे। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय चिंतन और नागरिक सहभागिता का सशक्त मंच बना दिया। इस अवसर पर वेटरन्स इंडिया के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बी.के. मिश्रा, प्रो. (डॉ.) अनिल सहस्रबुद्धे, प्रो. (डॉ.) टी.जी. सीताराम, प्रो. विनय कुमार पाठक, न्यायमूर्ति पी.एन. रवींद्रन, डॉ. एम.आर. जयराम, सामाजिक कार्यकर्ता रौशन कुमार सिंह और प्रो. डॉ सुनील पारिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए संजय सेठ ने कहा कि 16 दिसंबर भारत के लिए गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है, जब 1971 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को निर्णायक रूप से पराजित किया और बांग्लादेश का उदय हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि उस युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों का आत्मसमर्पण हुआ, जो विश्व सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है। उनके अनुसार विजय दिवस भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अनुशासन और त्याग का प्रतीक है।

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी भी है। उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वन रैंक, वन पेंशन और रोजगार सहायता जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ हर नागरिक को योगदान देना होगा।

राम लाल जी ने 1971 के युद्ध में सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक भूमिका को स्मरण करते हुए वर्तमान में भी कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि विजय दिवस हर नागरिक को सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के दौरान प्राइड ऑफ नेशन अवॉर्ड्स 2025 के माध्यम से सामाजिक सेवा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। वर्ष 2015 में स्थापित वेटरन्स इंडिया आज 38 लाख से अधिक सदस्यों के साथ एक गैर-राजनीतिक, राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में मूल्य आधारित और समावेशी राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

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