नई दिल्ली, 22 फ़रवरी । हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड पुरस्कार वितरण एवं अमृत कुंभ सम्मान समारोह का आयोजन आज सी. डी. देशमुख ऑडिटोरियम, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स मूलर मार्ग, नई दिल्ली में प्रातः 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए प्रतिभागियों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामहिम उपराज्यपाल, लद्दाख श्री कवीन्द्र गुप्ता जी रहे। अति विशिष्ट अतिथियों में मास्टर जय भगवान यादव जी (उपमहापौर, दिल्ली), डॉ. प्रदीप कुमार (आईआरएस, जॉइंट डायरेक्टर, जीएसटी), डॉ. रेनु सिंह (प्रिंसिपल डायरेक्टर, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा), श्रीमती सुनीला आठले तथा शिक्षाविद डॉ. आयुषी केतकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री राजेश वत्स जी ने की तथा संयोजन श्रीमती हेमलता जी द्वारा किया गया। मंच संचालन गोपाल शर्मा जी ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती हेमलता जी ने हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन का परिचय प्रस्तुत करते हुए विश्वभर में हिंदी भाषा के संवर्धन एवं प्रसार हेतु फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयोगों और प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि महामहिम उपराज्यपाल श्री कवीन्द्र गुप्ता जी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में इसकी बढ़ती उपयोगिता पर ज्ञानवर्धक विचार व्यक्त किए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी भाषा के बढ़ते प्रयोग पर विशेष बल दिया तथा हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
डॉ. प्रदीप कुमार जी ने अपने वक्तव्य में हिंदी भाषा के व्यावहारिक पक्ष को रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए दैनिक जीवन तथा प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री राजेश वत्स जी ने संस्था की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड के विजेताओं एवं श्रेष्ठ रचनाकारों को अमृत कुंभ सम्मान से सम्मानित किया गया तथा हिंदी भाषा के संवर्धन में उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

