Headlines

हरिजन सेवक संघ में कस्तूरबा गांधी की 82वीं पुण्यतिथि पर ‘कस्तूरबा कथा’, बा-बापू लाइब्रेरी का उद्घाटन

Spread the love

अंशु कुमार/ करुणा नयन चतुर्वेदी

नई दिल्ली, 22 फरवरी। किंग्सवे कैंप स्थित हरिजन सेवक संघ, गांधी आश्रम में रविवार को माता कस्तूरबा गांधी की 82वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ‘कस्तूरबा कथा’ का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कस्तूरबा गांधी के त्याग, सेवा और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ माता कस्तूरबा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि के रूप में एनसीईआरटी के सदस्य प्रो. शेखर कुमार सान्याल उपस्थित रहे। हरिजन सेवक संघ की ओर से उन्हें पॉट पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी का जीवन त्याग, धैर्य और नारी शक्ति का अद्भुत उदाहरण है, जिसे समाज को सदैव स्मरण रखना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान ‘बुक इन हैंड’ अभियान के अंतर्गत हरिजन सेवक संघ एवं केयर टुडे के संयुक्त तत्वावधान में स्थापित ‘बा-बापू फ्री ओपन बुक लाइब्रेरी केबिन’ का भी उद्घाटन किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह पुस्तकालय आमजन के लिए निःशुल्क रहेगा और इसका उद्देश्य समाज में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना, विशेषकर युवाओं और बच्चों को पुस्तकों से जोड़ना है।

‘कस्तूरबा कथा’ का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण कथाकार श्रीमती शोभना राधाकृष्णन द्वारा किया गया। उन्होंने कस्तूरबा गांधी के जीवन के विभिन्न प्रसंगों उनके संघर्ष, सत्याग्रह में सहभागिता और सामाजिक सेवा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कथा के दौरान वातावरण भावुक और प्रेरणादायक बना रहा। संगीत मंडली में श्रीमती स्वाति भगत, श्री दीपक कालरा एवं अन्य कलाकारों ने भजनों और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे कार्यक्रम में आध्यात्मिक और श्रद्धामय वातावरण का संचार हुआ। अंत में कथाकार और संगीत मंडली के सदस्यों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम समाज में सेवा, शिक्षा और नैतिक मूल्यों की भावना को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Top