करुणा नयन व अंशु कुमार
नई दिल्ली, 17 फरवरी। वर्तमान पीढि़यों का संघर्ष ही भविष्य की पीढ़ी के लिए स्वर्णिम रास्तों का निर्माण करता है। ये बातें दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अम्बेडकर कॉलेज में 17 फरवरी संपन्न हुए 35वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर कहीं। कार्यक्रम में अकादमिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भारत में सूरीनाम गणराज्य की राजनयिक विशिष्ट अतिथि सुनैना मोहन और सम्मानित अतिथि के रूप में भारत पर्यावास केंद्र(नई दिल्ली) के महानिदेशक प्रो. के जी सुरेश, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संयुक्त सचिव डॉ. जी एस चौहान और महाविद्यालय शासी निकाय के कोषाध्यक्ष प्रो. कुलवीर गोजरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. रणजित् बेहेरा ने की।
वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुए दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आज आपके बीच पाकर मुझे अपने कॉलेज के दिनों की याद ताजा हो गई। आज आपकी उपलब्धियों के लिए आपको सम्मानित और पुरस्कृत किया जा रहा है। इसके लिए सभी पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं।
युवा पीढ़ी का संघर्ष देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाता है।
दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पूर्वजों के संघर्षों ने हमें आजादी दिलाई थी। आज हमारी पीढ़ी विरासत के साथ विकास के रास्ते को अपना रही है और देश निरतंर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। आप भी जीवन के तमाम क्षेत्रों में परिश्रम कर देश का नाम रोशन करें। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विधान सभा द्वारा तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री वीर विट्ठल भाई पटेलजी इंडियाज फर्स्ट इलेक्टेड स्पीकर विद्यार्थियों को दिखाई गई।
विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि हम अपनी प्रतिबद्धता से अपने आने वाले कल के लिए सपने बुनें और उन्हें पूरा करने का प्रयास करें। विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय को एक कॉफी टेबल बुक प्रदान की जिसमें विधान सभा के प्रारंभ से अब तक के सफर का उल्लेख है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली विधानसभा देश का पहला विधानसभा है जो सौर ऊर्जा से संचालित होता है और विधान सभा की कार्यवाही पेपरलेस तरीके चलती है जिसकी वजह से एक सत्र के संचालन के दौरान तकरीबन एक सौ पेड़ों की रक्षा हो पाती है।
उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समय किसी का इंतज़ार नहीं करता। बस हम उसके साथ कितना चल पा रहे हैं, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। हमें उसके साथ चलने और परिवर्तन के अनुसार गतिशील रहने की आवश्यकता है।
सूरीनाम की भारत में राजनयिक सुनैना मोहन ने कहा कि सूरीनाम में भारतीय लोग औपनिवेशिक काल में गिरमिटिया मजदूर के रूप में ले जाये गये थे किन्तु वे न अपनी भाषा भूले और न ही उन्होंने अपनी संस्कृति को भुलाया। वर्तमान में हमारी पांचवीं पीढ़ी भी भारत की भाषा और भारत की संस्कृति की विरासत को आगे बढ़ा रही है और मैं उसकी जीता-जागती उदाहरण हूँ। बतौर राजनयिक मैं छह विदेशी भाषा को जानती हूँ किन्तु हिन्दी को भूली नहीं हूँ। जितनी हिन्दी आप जानते और बोलते हैं, उतनी हिन्दी सूरीनाम के लोग आज भी बोलते हैं। श्रीराम के देश के रूप में विख्यात सूरीनाम मिनी इंडिया के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने अपने पूर्वजों के संघर्ष को याद दिलाया। सुनैना मोहन ने कहा कि आप कहीं भी जाएं, कितने भी सफल हो जाएं लेकिन अपनी अस्तित्व को न भूलें। उन्होंने महाविद्यालय के साथ एक पारस्परिक समझौते पर हस्ताक्षर करने की बात भी कही जिससे दोनों देशों के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
वार्षिकोत्सव में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक, खेल-कूद समेत तमाम गतिविधियों एवं अकादमिक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। उन्होंने कहा कि कॉलेज को इस ऊंचाई तक लाने में यहां के छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
वार्षिकोत्सव समारोह में सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी का पुरस्कार बीए प्रोग्राम के तृतीय वर्ष के हर्ष कुमार सिंह को दिया गया। शीतला प्रसाद सिंह पुरस्कार 2025 हिन्दी पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी करुणा नयन चतुर्वेदी को दिया गया।
एनसीसी के सीनियर अंडर ऑफिसर का पुरस्कार सक्षम पाण्डेय और हिना को दिया गया। कैडेट कैप्टन का पुरस्कार किशन कुमार साहू को प्रदान किया गया।
योगेश वार्ष्णेय गोल्ड मेडल बीए ऑनर्स बिजनेस इकोनॉमिक्स तृतीय वर्ष की रिदिमा को, माँ लक्ष्मी देवी मेमोरियल गोल्ड मेडल हिन्दी पत्रकारिता की सौम्या पटेल, सुल्तानचंद मेमोरियल गोल्ड मेडल बीकॉम ऑनर्स की पलक पांडेय, बीपी मौर्या मेमोरियल मेरिटोरिअस अवार्ड बीए प्रोग्राम के शार्दुल पांडेय, बापू पीएन सिंह गोल्ड मेडल बीए ऑनर्स सोशल वर्क इति श्रीवास्तव को दिया गया।
कार्यक्रम का संयोजन प्रो. दीपाली जैन और सह-संयोजन प्रो. ममता ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. शशि रानी और प्रो. पूनम मित्तल ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता को महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने पौधा, महाविद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष प्रो. रणजित् बेहेरा ने शॉल और स्मृति चिन्ह प्रो. बिजेन्द्र कुमार ने देकर स्वागत किया।
इस अवसर पर कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक और पूर्व कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे जिन्हें महाविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सैंकड़ों विद्यार्थी शामिल रहे। कार्यक्रम में प्रो. बिजेन्द्र कुमार, प्रो. राजेश उपाध्याय, प्रो. नीरव अडालजा , डॉ विनीत कुमार , डॉ मधुरेश, डॉ राजबाला गौतम, प्रो. कुसुम नेहरा, प्रो. ममता वालिया, प्रो. संजीव कुमार, डॉ जितेन्द्र नागर, डॉ राकेश कुमार, डॉ सुभाष गौतम, डॉ रंजीत कुमार, डॉ प्रवीण झा, डॉ महेश कुमार, डॉ तारा शंकर , डॉ तृष्णा, प्रो. नरेन्द्र ठाकुर, प्रो. सुनीता मलिक, डॉ सुनीता शर्मा उपस्थित रहे।

