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मदारी के नाटक बने युवा विमर्श का केंद्र

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नई दिल्ली, 11 फरवरी। दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नीत दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ और राष्ट्रीय कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में “मदारी -इस मिट्टी में जड़े है हमारी” कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम 9 फरवरी से लेकर 11 फरवरी तक दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा |अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान,दिल्ली छात्रसंघ के सचिव कुणाल चौधरी,राष्ट्रीय कला मंच के संयोजक अभिनव दीप, प्रांत संयोजिका करिश्मा, गर्व दुबे, एवं सैंकड़ों कलाकारों की मौजूदगी में मदारी का विधिवत समापन हुआ । समापन कार्यक्रम के बाद अतिथियों ने विजेता टीम को क्रमशः 51 हजार, 31 हजार और 21 हजार की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया ।

ध्यातव्य हो कि “मदारी” 2017 से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेतु एक मंच प्रदान कर रहा है । इस कला महोत्सव को मुख्य रूप से खिचड़ी(नुक्कड़-नाटक), धरोहर(ओपेन माईक) और ग्राम्या(प्रदर्शनी) तीन भागों में बाँटा गया है । कार्यक्रम के पिछले तीन दिनों में खिचड़ी में गार्गी महाविद्यालय, लेडी हार्डिंग, देशबंधु महाविद्यालय, केशव महाविद्यालय सहित कुल 38 टीमों ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की, धरोहर के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के 100 से अधिक प्रतिभावान कवियों और गायकों ने अपनी प्रस्तुति की तथा ग्राम्या के अंतर्गत मिरांडा हाऊस, हिन्दू महाविद्यालय, दौलतराम महाविद्यालय सहित कुल 30 महाविद्यालयों के छात्रों ने अपनी प्रदर्शनी लगाई ।

अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान ने अपने वक्तव्य में कहा’ मदारी वह मंच है जहाँ पर नाटक समस्या के साथ समाधान की दिशा भी दिखाता है । मदारी का यह कार्यक्रम कला, संगीत, नाटक, संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य करने का प्रतिबिंब के रूप में होता है। राष्ट्रीय कला मंच युवाओं को स्क्रीन टाइम से प्ले टाइम की दिशा में कार्य कर रहा है। जिससे युवा भारतीय कला, संस्कृति, संगीत की परंपरा के साथ देशहित में कार्य करने के लिए प्रेरित भी करता है।

राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री अभिनव सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि मदारी केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि समाज की गहरी सच्चाईयों को उजागर करने वाला एक मंच है। यह संवेदनशील अभिव्यक्ति का सशक्त मंच है जिसका उद्देश्य केवल अभिनय करना नहीं बल्कि समाज को जागरूक करना है ।

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