विमलेश राजपूत
नई दिल्ली, 13 मार्च। डॉ भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के सभागार में विकसित भारत युवा कनेक्ट संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यूथ आइकन इशिता गुप्ता ने महाविद्यालय के युवाओं से भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर संवाद किया।
यूथ आइकन इशिता गुप्ता ने वंदे मातरम गीत के लेखन से लेकर स्वाधीनता संग्राम के दौरान इस गीत के देश की आजादी के लिए मूल मंत्र बनने की यात्रा और भाव को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। साथ ही, स्वतंत्र भारत में वंदे मातरम को देश के विकास और विरासत का मूल बताया।
इशिता गुप्ता ने महाविद्यालय के छात्रों से संवाद के दौरान पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा वर्ष 1875 में वंदे मातरम के रचे जाने से लेकर 1882 में इसे आनंदमठ उपन्यास में शामिल किये जाने और वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन के दौरान ब्रिटिश हुकुमत के विरोध का गीत बनने की यात्रा को साझा किया। उन्होंने बताया कि भारत की आजादी के दीवानों को स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम गीत प्रेरणा प्रदान करता था और भारत माता को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहूति देने का आह्वान करता था।
यूथ आइकन इशिता गुप्ता ने वक्तव्य में कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है। यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा है। वंदे मातरम केवल दो शब्द मात्र नहीं हैं बल्कि विकसित भारत 2047 के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। साथ ही, उन्होंने वंदे मातरम के 150 वर्षों की यात्रा को भी बताया और छात्रों को वंदे मातरम का इतिहास जानने और आनंदमठ उपन्यास पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
भाषण के दौरान इशिका गुप्ता ने बताया कि वंदे मातरम के केवल दो छंदों को ही राष्ट्रगीत के रूप में 24 जनवरी, 1950 को भारत सरकार ने अपनाया था किन्तु वर्तमान सरकार ने विकास के साथ विरासत और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति के पहल के तहत वंदे मातरम गीत की रचना के 150वें वर्ष के अवसर पर गीत के सभी छह छंदों को राष्ट्रगीत घोषित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य- अगर आजादी के पचास वर्ष पहले कोई आजाद भारत का सपना देख सकता था, तो 25 वर्ष पहले हम भी समृद्ध भारत का सपना दे सकते है, विकसित भारत का सपना देख सकते हैं; को उल्लेखित करते हुए यूथ आइकन इशिता ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं से योगदान देने की अपील की।
यूथ आइकन इशिता गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज की राजनीति विज्ञान (प्रतिष्ठा) स्नातक की छात्रा हैं। वर्तमान में इशिता भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के परियोजना प्रबंधन विभाग में प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत हैं। इन्होंने देशभर में 500 से अधिक युवा कनेक्ट कार्यक्रमों में भागीदारी की है। ये शिक्षा मंत्रालय के उन्नत भारत अभियान से भी जुड़ी हुई हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने अतिथि इशिता गुप्ता का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा चलाया गया यह कार्यक्रम युवाओं के लिए एक सराहयनीय कदम है जो युवाओं को भारत के इतिहास और वर्तमान से जोड़ने के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
कार्यक्रम नोडल ऑफिसर प्रो. राजवीर वत्स और डॉ अंजु के संयोजन में संचालित हुआ। मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अनंदिता और ऋषिराज चौबे ने किया। इस कार्यक्रम में प्रो. चित्रा रानी, प्रो. बीएम दास, प्रो. अवतार सिंह, प्रो. शशि रानी, प्रो. ममता वालिया, प्रो.राजेश उपाध्याय, प्रो. जया वर्मा, प्रो. राजबाला गौतम, प्रो. तृष्णा सरकार, प्रो. मोनिका अहलावत, प्रो.अर्चना माथुर, प्रो. सुनीता मलिक, डॉ तारा शंकर, डॉ महेश कुमार सिंह, डॉ साक्षी वासुदेव, डॉ क्रांतिदीप वर्मा, डॉ विनीत कुमार, डॉ रितु, डॉ नाजिया, डॉ अरुण प्रताप सिंह, डॉ प्रवीण झा, डॉ सुभाष गौतम, डॉ अनिल कांबले समेत सैंकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के व्यवस्थापन में आजाद सिंह, कनिष्क नौटियाल, प्रवीण कुमार विश्वविद्यालय, भवानी सिंह और नागेन्द्र कुमार का उल्लेखनीय योगदान रहा।

