नई दिल्ली, 4 फरवरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दिल्ली का 61वाँ प्रदेश अधिवेशन दिल्ली के केशव महाविद्यालय में स्थापित ‘गुरु तेग बहादुर नगर’ के माधवराव सभागार में 31 जनवरी से 1 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दो दिवसीय अधिवेशन में दिल्ली के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों से आये 503 प्रतिनिधि इस अधिवेशन में उपस्थित रहे। अधिवेशन में संगठनात्मक विकास, शैक्षिक नीतियों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही अभाविप दिल्ली का 61वां प्रांत अधिवेशन कई अनुभवों का साक्षी बना जिसमें स्व. मदन भाटिया प्रदर्शनी के माध्यम से दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और अभाविप के द्वारा वर्षभर चलायीं गयीं विभिन्न गतिविधियों के दर्शन करने के अवसर मिला।
गुरुतेग बहादुर नगर में आयोजित अभाविप दिल्ली के 61वें अधिवेशन में कुल चार प्रस्ताव पारित किए गये।’राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का हो प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल लत से आगे : प्रकृति, खेल और संस्कृति की ओर अग्रसर हो युवा”, ‘राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ एकजुट हो दिल्लीवासी, तथा ‘संरक्षित और सुरक्षित पर्यावरण हर पीढ़ी का मूल अधिकार सहित महत्वपूर्ण चार प्रस्तावों को प्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त सुझावों के अनुसार संशोधन कर पारित किया गया।
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने दिल्ली में अभाविप द्वारा किये गये क्रियाकलापों पर आधारित मंत्री प्रतिवेदन रखा, जिसमें दिल्ली में हुए अभाविप के कार्यक्रम, गतिविधियाँ, आंदोलन तथा लगभग 54000 सदस्यता तथा महाविद्यालय और नगर इकाई सहित कुल 113 इकाइयों का गठन इस वर्ष किया ।
अभाविप दिल्ली के 61वें प्रांत अधिवेशन में सत्र 2026-27 हेतु पुनःनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष प्रो. तपन बिहारी और पुनःनिर्वाचित प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा को चुनावाधिकारी प्रो. पंकज सिंह ने पदभार ग्रहण कराया।
अभाविप दिल्ली के 61वें प्रांत अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रोफेसर चमू कृष्ण शास्त्री (अध्यक्ष,भारतीय भाषा समिति) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री आशीष चौहान (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अभाविप ) एवं स्वागत समिति अध्यक्ष श्री वेद प्रकाश टंडन, मंत्री श्री राकेश गुप्ता, उपस्थिति रही |
पद्मश्री श्री चमू कृष्ण शास्त्री ने कहा हम सभी एक लेखनी जैसे है संघठन के हाथ में रहेंगे तो श्रेष्ठ लिखेंगे। परिषद के कार्यकर्ताओं में तीन शक्ति होनी चाहिए कार्यशक्ति, ज्ञानशक्ति और इच्छाशक्ति अगर यह तीनों है तो जरूर हम अच्छे समाज की नीवं का पत्थर बनेंगे।
विशिष्ट अतिथि श्री आशीष चौहान ने बताया की विद्यार्थी परिषद् ने ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ जैसा अभियान लेकर युवाओं को जागरूक किया है। संघ के पंच परिवर्तन को कैंपसों तक ले जाने का आग्रह भी किया। कैंपसों में भारत के ‘स्व’ के भाव को जगाने एवं अपने जीवन में उतारने का भी आग्रह किया।
अधिवेशन के दूसरे दिन दिल्ली के रोहिणी में निकाली गई शोभायात्रा भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा जिसमें समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने अलग – अलग स्थानों पर पुष्पवर्षा करके स्वागत किया। शोभायात्रा केशव महाविद्यालय से निकलकर रानीबाग स्थित रामलीला मैदान में पहुँची जहाँ खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय मंत्री श्री आदित्य तकियार की विशेष उपस्थिति रही। खुले अधिवेशन में दिल्ली विश्वविद्यालय की परीक्षा में हुई गड़बड़ी, जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारे, छात्रसंघ चुनाव में हो सुधार और पर्यावरण सहित अन्य विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखें।
अधिवेशन में समांतर सत्रों के माध्यम से जेन-जी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा छात्रावास संबंधी समस्याओं पर परिचर्चा भी हुई। प्रदेश में 22 मार्च-31मार्च तक ‘वंदेमातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के निमित महाविद्यालयों इकाइयो के साथ वंदेमातरम गान का अभियान तथा महाविद्यालय परिसरों में – ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ के माध्यम से विद्यार्थियों में डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर नियंत्रण को लेकर प्रदेश भर में अभाविप द्वारा अभियान चला जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रत्येक महाविद्यालय में मिशन साहसी कार्यक्रम का आयोजन जिसमें छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा रानी अबक्का के 500वीं जन्मजयंती के अवसर पर वर्षभर कार्यक्रम आयोजित किये जाएँगे।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि अभाविप के इस प्रदेश अधिवेशन में विभिन्न विभागों से आए कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक और कार्यक्रयात्मक विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अधिवेशन के माध्यम से दिल्ली में विद्यार्थी परिषद के कार्य को गति मिलने वाली है। अधिवेशन में आए प्रतिनिधि कार्यकर्ता अपने केंद्रों पर सम्पूर्ण दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर सभी शैक्षिक संस्थानों एवं समाज तक विद्यार्थी परिषद का संदेश पहुंचाएंगे। एक नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता आगामी कार्यक्रमों और योजनाओं पर काम करेंगे और निश्चित रूप में प्रदेश भर में छात्रशक्ति तीव्र गति से आगे बढ़ेगी।

